Sunday, 4 May 2014

अरे ओ मार्डन संत महान



अरे ओ मार्डन संत महान
तुम खुद तो फूलों के रथ पर आते हो
चेहरे पर फेशियल करवाकर बालों पर डाई लगवाकर
हमें माया से दूर रहने का पाठ पढ़ाते हो-----

क्या तुमने लोगो के दुखी जीवन को स्वर्ग बनाने का बीढ़ा उठाया है
किस्मत के मारे जनों की मेहनत का तुमने कितना हिस्सा खाया है
अपनी अंतरात्मा बेच कर हमारा तुम परमात्मा से मिलन करवाते हो---

आलीशान कारों में घूम घूम तुम जीने की कला सिखाने आए हो
होटल का खाना खाकर कीमती वस्त्रों से स्वयं को सज्जित कर हमपर आर्शीवाद बरसाने आए हो
घोटालों, रेप – स्केंडल करके हमें नैतिकता की राह दिखाते हो

इनका दोष नहीं है
मेरा तो तुमसे है यह सवाल
क्यों अपनी मेहनत पर हमें नहीं भरोसा
मन पर बिछाया है इनका माया जाल
जो बोएगें वो काटेगें हर कर्म का पाएगे हम फल
क्यों न ध्यान करें अपने कर्मों पर विश्वास करें अपनी मेहनत पर
तुम्हारी आत्मा ही है तुम्हारा ईश्वर
इस सच को तुम क्यों भूल जाते हो--------------


मीनाक्षी भसीन                10-01-14
© सर्वाधिकार सुरक्षित


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